Towards A Spiritual Psychology: Essays in Indian Psychology
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SARVESH TIWARI SREEMUKH (set of 2 Books) : PARAT | PUNYA PATH

Publisher:
Harf Media Private Limited
| Author:
SARVESH TIWARI SREEMUKH
| Language:
Hindi
| Format:
Omnibus/Box Set (Paperback)
Publisher:
Harf Media Private Limited
Author:
SARVESH TIWARI SREEMUKH
Language:
Hindi
Format:
Omnibus/Box Set (Paperback)

Original price was: ₹350.Current price is: ₹280.

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7-10 Days

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ISBN:
Page Extent:
314
      1. ‘परत’ हमारे युग का वह सत्य है जिसे जान कर भी कोई जानना नहीं चाहता। लेकिन सत्य यह भी है कि हमने इस सत्य को यूँ ही नकार दिया तो भविष्य हमारा काॅलर पकड़ कर पूछेगा कि तब तुम चुप क्यों रहे…

        2.सर्वेश लोक अस्मिता के लेखक हैं। भारत और भारतीयता की उंगली थामे ये एक ऐसे साहित्यकार हैं जो इस कर्तव्यबोध के साथ लिखते हैं कि, लोक की पीड़ा पर षड्यन्त्रकारी चुप्पी के कालखण्ड में, बोलना ही धर्म है। वे विवादग्रस्त होने के भय से सत्य का उद्घाटन करना नहीं छोड़ते। जैसे उनका संकल्प हो कि वे धर्म के मार्ग को आलोकित करते रहने के लिए, हर वांछनीय अवांछनीय हस्तक्षेप करते रहेंगे। सर्वेश का पहला उपन्यास ‘परत’ बेस्टसेलर रहा है।

Reviews

  1. Vivek shukla

    Good

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Description
      1. ‘परत’ हमारे युग का वह सत्य है जिसे जान कर भी कोई जानना नहीं चाहता। लेकिन सत्य यह भी है कि हमने इस सत्य को यूँ ही नकार दिया तो भविष्य हमारा काॅलर पकड़ कर पूछेगा कि तब तुम चुप क्यों रहे…

        2.सर्वेश लोक अस्मिता के लेखक हैं। भारत और भारतीयता की उंगली थामे ये एक ऐसे साहित्यकार हैं जो इस कर्तव्यबोध के साथ लिखते हैं कि, लोक की पीड़ा पर षड्यन्त्रकारी चुप्पी के कालखण्ड में, बोलना ही धर्म है। वे विवादग्रस्त होने के भय से सत्य का उद्घाटन करना नहीं छोड़ते। जैसे उनका संकल्प हो कि वे धर्म के मार्ग को आलोकित करते रहने के लिए, हर वांछनीय अवांछनीय हस्तक्षेप करते रहेंगे। सर्वेश का पहला उपन्यास ‘परत’ बेस्टसेलर रहा है।

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