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पूराणों की कथाएँ-2
पूराणों की कथाएँ-2 Original price was: ₹280.Current price is: ₹279.

पूराणों की कथाएँ-3

Publisher:
Shubhada Prakashan Jodhpur
| Author:
Mohanlal Gupta
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
Publisher:
Shubhada Prakashan Jodhpur
Author:
Mohanlal Gupta
Language:
Hindi
Format:
Paperback

Original price was: ₹280.Current price is: ₹279.

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Ships within:
12-15 Days

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ISBN:
Category:
Page Extent:
167

आज की युवा पीढ़ी को पुराणों के कथा-संसार से परिचित कराने के उद्देश्य से शुभदा प्रकाशन जोधुपर ने ‘पुराणों की कथाएँ’नामक शृंखला आरम्भ की है। इस पुस्तक- शृंखला में हमने भारतीय पुराणों में से कुछ रोचक कथाएं चुनकर उनके वैज्ञानिक पक्ष सहित प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। इस शृंखला के तृतीय पुष्प के रूप में हमने उन कथाओं को चुना है जो भारतीय पुराणों में यशस्वी चंद्रवंश के उदय होने से जुड़ी हुई हैं। इस पुस्तक में राजा चंद्र से लेकर राजा जन्मेजय तक की चौंवालीस कथाओं को लिया गया है जो दिव्य एवं चमत्कारी शक्तियों के स्वामी माने जाते हैं।

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Description

आज की युवा पीढ़ी को पुराणों के कथा-संसार से परिचित कराने के उद्देश्य से शुभदा प्रकाशन जोधुपर ने ‘पुराणों की कथाएँ’नामक शृंखला आरम्भ की है। इस पुस्तक- शृंखला में हमने भारतीय पुराणों में से कुछ रोचक कथाएं चुनकर उनके वैज्ञानिक पक्ष सहित प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। इस शृंखला के तृतीय पुष्प के रूप में हमने उन कथाओं को चुना है जो भारतीय पुराणों में यशस्वी चंद्रवंश के उदय होने से जुड़ी हुई हैं। इस पुस्तक में राजा चंद्र से लेकर राजा जन्मेजय तक की चौंवालीस कथाओं को लिया गया है जो दिव्य एवं चमत्कारी शक्तियों के स्वामी माने जाते हैं।

About Author

डॉ. मोहनलाल गुप्ता एक प्रतिष्ठित भारतीय साहित्यकार हैं। वे शब्दों के संवेदनशील शिल्पकार हैं। व्यंग्य, नाटक, कविता, ग़ज़ल और हिंदी लघु कहानियों के लेखन से लेकर विभिन्न दैनिक पत्रों में नियमित स्तंभकार के रूप में लेखन तक, डॉ. मोहनलाल गुप्ता को उनके साहित्यिक योगदान के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। वे भाषाओं के क्षेत्र में अद्वितीय प्रतिभा के धनी हैं। शब्दों की दुनिया के प्रति उनकी संवेदनशीलता अत्यंत विशिष्ट है। एक कुशल अभिव्यक्तिकार होने के साथ-साथ वे उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता से भी संपन्न हैं। उन्होंने अब तक सात दर्जन से अधिक पुस्तकों की रचना की है, जिनमें शब्द एवं भारतीय इतिहास, व्यंग्य, नाटक, कविता, ग़ज़ल, उपन्यास, लघु कहानियाँ और सांस्कृतिक अध्ययन शामिल हैं।

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