Ek Thi Sheena Bora : Sansanikhej Katla Ki Pramanik Padatal (PB)
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एक थी शीना बोरा : सनसनीखेज़ क़त्ल की प्रामाणिक पड़ताल
लालच, झूठ और महत्त्वाकांक्षा की भेंट चढ़े रिश्तों की कहानी है—शीना बोरा कांड। इस किताब में इस बेहद चर्चित हत्याकांड के अब तक हुए खुलासों को एक क्रम के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि पाठक शीना बोरा नाम की युवती की उसकी अपनी ही माँ द्वारा की गई सुनियोजित हत्या के केस के पीछे की पूरी कहानी को ठीक-ठीक समझ सके।
बदलाव के एक तेज़ दौर से गुज़र रहे पारिवारिक सम्बन्धों का एक जटिल जाल भी इस घटना का बड़ा पहलू रहा है। उसका ख़ाका भी यह किताब, बिना जजमेंटल हुए, हमारे सामने रखती है। निजी ई-मेल्स और फ़ोन-वार्ताओं को भी लेखक ने बिना ज़्यादा काट-छाँट के यहाँ रखा है, जिनसे भावनाओं और तेज रफ़्तार महानगरीय जीवन की आर्थिक-सामाजिक पेचीदगियों की एक नाटकीय तस्वीर सामने आती है।
यह मामला अभी भी कोर्ट के विचाराधीन है; इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को सिर्फ़ उन तथ्यों से अवगत कराना है जो अभी तक सामने आए हैं और जिनका नि:सन्देह एक समाजशास्त्रीय महत्त्व भी है।
यह किताब उसी पत्रकार की लेखनी से सम्भव हुई है जिसने इस कांड को हर स्तर पर कवर किया है।
एक थी शीना बोरा : सनसनीखेज़ क़त्ल की प्रामाणिक पड़ताल
लालच, झूठ और महत्त्वाकांक्षा की भेंट चढ़े रिश्तों की कहानी है—शीना बोरा कांड। इस किताब में इस बेहद चर्चित हत्याकांड के अब तक हुए खुलासों को एक क्रम के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि पाठक शीना बोरा नाम की युवती की उसकी अपनी ही माँ द्वारा की गई सुनियोजित हत्या के केस के पीछे की पूरी कहानी को ठीक-ठीक समझ सके।
बदलाव के एक तेज़ दौर से गुज़र रहे पारिवारिक सम्बन्धों का एक जटिल जाल भी इस घटना का बड़ा पहलू रहा है। उसका ख़ाका भी यह किताब, बिना जजमेंटल हुए, हमारे सामने रखती है। निजी ई-मेल्स और फ़ोन-वार्ताओं को भी लेखक ने बिना ज़्यादा काट-छाँट के यहाँ रखा है, जिनसे भावनाओं और तेज रफ़्तार महानगरीय जीवन की आर्थिक-सामाजिक पेचीदगियों की एक नाटकीय तस्वीर सामने आती है।
यह मामला अभी भी कोर्ट के विचाराधीन है; इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को सिर्फ़ उन तथ्यों से अवगत कराना है जो अभी तक सामने आए हैं और जिनका नि:सन्देह एक समाजशास्त्रीय महत्त्व भी है।
यह किताब उसी पत्रकार की लेखनी से सम्भव हुई है जिसने इस कांड को हर स्तर पर कवर किया है।
About Author
संजय सिंह
9 मार्च, 1972 को मुम्बई में जन्मे और वहीं पले-बढ़े संजय सिंह क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव लेखन व पत्रकारिता की दुनिया का चर्चित नाम हैं। उन्होंने मुम्बई यूनिविर्सटी से पी-एच.डी. और एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। देश के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से वह बतौर एकेडमीशियन जुड़े रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता से जुड़ी कई किताबों का सम्पादन भी किया है।
पिछले ढाई दशक से ज़्यादा समय से वे पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। बतौर पत्रकार उन्होंने ‘शीना बोरा मर्डर केस’ को कवर किया है। ज़ी न्यूज़, एनडीटीवी, Times Now, आईबीएन, न्यूज़-एक्स जैसे प्रमुख चैनलों में सीनियर पदों पर रहे संजय ने इस दौरान क्राइम और खोजी पत्रकारिता में ख़ूब नाम कमाया। ‘तेलगी स्टैम्प स्कैम’ का पर्दाफ़ाश उनकी पत्रकारिता का एक जरूरी उदाहरण है। इसी ‘तेलगी स्टैम्प स्कैम’ पर लिखी गई उनकी किताब ‘तेलगी स्कैम : रिपोर्टर की डायरी’ पर ‘Scam 2003 : The Telgi Story’ नाम से एक वेब सीरीज़ बन रही है जो सुपर-हिट वेब सीरीज़ ‘Scam 1992 : Harshad Mehta Story’ का अगला सीज़न है।
एशिया के सबसे अमीर आदमी के घर के बाहर विस्फोटक मिलने की घटना पर आधारित संजय सिंह की किताब ‘CIU : Criminals in Uniform’ भी धूम मचा चुकी है। यह किताब हिन्दी, अंग्रेज़ी और मराठी में प्रकाशित हुई है। उनकी इस किताब पर भी एक वेब सीरीज़ बन रही है।
ई-मेल : sanjayreporting@gmail.com
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