Save: 20%
Save: 25%
Bhakti Agadh Anant
Publisher:
| Author:
| Language:
| Format:
Publisher:
Author:
Language:
Format:
₹1,599 Original price was: ₹1,599.₹1,199Current price is: ₹1,199.
Save: 25%
In stock
Ships within:
In stock
| Book Type |
|---|
Page Extent:
भारत में भक्ति की चेतना प्राग्वैदिककाल से निरंतर है। देश के विभिन्न क्षेत्रों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज़रूरतों के तहत इसके कई रूप और प्रवृत्तियाँ रही हैं और सदियों से इनमें अंतःक्रियाएँ और रूपांतरण होता रहा है। यह सीमित अवधि का कोई ‘आंदोलन’ नहीं है। यह केवल परलोक-व्यग्र चेतना भी नहीं है-मनुष्य की पार्थिव चिंताएँ भी इसी के माध्यम से व्यक्त हुई हैं। भक्ति-चेतना का साहित्य स्वतंत्रचेता संत-भक्तों का साहित्य है और स्वतंत्रता हमेशा बहुवचन में चरितार्थ होती है, इसलिए यह अपनी प्रकृति में बहुवचन है। देशभाषाओं में इसकी व्याप्ति ने इसको जनसाधारण के लिए सुलभ कर दिया। विडंबना यह है कि संपूर्ण देश में सदियों से मौजूद इस भक्ति-चेतना की, भाषायी वैविध्य और औपनिवेशिक ज्ञानमीमांसीय पूर्वग्रह के कारण, अभी तक कोई समेकित पहचान नहीं बन पाई है। भक्ति-चेतना को उत्तरभारत में केवल कबीर, तुलसी आदि तक सीमित समझ लिया गया है, जबकि वस्तुस्थिति इससे अलग है। भक्ति का, उत्तरभारत की तुलना में, व्यापक प्रसार दक्षिण में हुआ और उसकी पहुँच उत्तर-पूर्व, कश्मीर आदि क्षेत्रों में भी व्यापक थी। महाराष्ट्र में भी उसकी व्याप्ति का दायरा बहुत विस्तृत था। गुजरात के जनसाधारण में भी उसकी स्वीकार्यता कम नहीं थी। बंगाल, ओड़िशा और असम के संत-भक्तों ने तो उत्तरभारतीय संत-भक्तों को बहुत दूर तक प्रभावित किया। प्रस्तुत संचयन में पहली बार छठी से लगाकर उन्नीसवीं-बीसवीं सदी तक के, देश के सभी क्षेत्रों के संत-भक्तों की रचनाएँ संकलित की गई हैं। आशा है, यह संचयन सदियों से निरंतर और देशव्यापी भक्ति चेतना को समेकित रूप में जानने-समझने में मददगार सिद्ध होगा।
‘‘भारतीय काव्य परंपरा में भक्ति काव्य को, प्रायः सभी भारतीय भाषाओं में, स्वर्ण युग कहा जाता है। इससे पहले कविता इतनी लोकप्रिय, साधारण जन में व्याप्त, उनके जीवन में लगातार उपस्थित और स्पंदित, उनके सामान्य जीवन की इतनी विविध छवियों-बिंबों-मुहावरों-रूपकों से रची-बसी नहीं हुई थी। महत्त्वपूर्ण यह है कि भक्ति काव्य ने एक ऐसा विशद-विपुल-बहुल काव्यशास्त्र रचा कि सौंदर्य और संघर्ष, समर्पण और प्रश्नवाचकता, आस्था और संदेह के बीच जो पारंपरिक दूरी और द्वैत थे, वे ध्वस्त हो गये, सामाजिक आचार, जातिगत भेदभाव, धार्मिक अनुष्ठानपरकता, आध्यात्मिक वर्जनाएँ आदि का भक्ति काव्य ने अतिक्रमण किया। उसने, भारतीय इतिहास और परंपरा में पहली बार, धार्मिक सत्ता, राजनैतिक सत्ता, संपत्ति सत्ता के बरअक़्स कविता की स्वतंत्र सत्ता स्थापित की। यह कविता-सत्ता अपने सत्व में, प्रभाव में और व्याप्ति में जनतांत्रिक थी-उसने धर्म, अध्यात्म, सामाजिक आचार-विचार, व्यवस्था आदि का जनतंत्रीकरण किया। वह एक साथ सौंदर्य, संघर्ष, आस्था, अध्यात्म, प्रश्नवाचकता की विधा बनी। यह अपने आप में किसी क्रांति से कम नहीं है। इस नई जनतांत्रिकता में व्यक्ति की इयत्ता और गरिमा का सहज स्वीकार भी था-प्रायः सभी भक्त कवि अपनी रचनाओं में निस्संकोच अपने नाम का उल्लेख करते हैं।’’
-अशोक वाजपेयी
भारत में भक्ति की चेतना प्राग्वैदिककाल से निरंतर है। देश के विभिन्न क्षेत्रों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज़रूरतों के तहत इसके कई रूप और प्रवृत्तियाँ रही हैं और सदियों से इनमें अंतःक्रियाएँ और रूपांतरण होता रहा है। यह सीमित अवधि का कोई ‘आंदोलन’ नहीं है। यह केवल परलोक-व्यग्र चेतना भी नहीं है-मनुष्य की पार्थिव चिंताएँ भी इसी के माध्यम से व्यक्त हुई हैं। भक्ति-चेतना का साहित्य स्वतंत्रचेता संत-भक्तों का साहित्य है और स्वतंत्रता हमेशा बहुवचन में चरितार्थ होती है, इसलिए यह अपनी प्रकृति में बहुवचन है। देशभाषाओं में इसकी व्याप्ति ने इसको जनसाधारण के लिए सुलभ कर दिया। विडंबना यह है कि संपूर्ण देश में सदियों से मौजूद इस भक्ति-चेतना की, भाषायी वैविध्य और औपनिवेशिक ज्ञानमीमांसीय पूर्वग्रह के कारण, अभी तक कोई समेकित पहचान नहीं बन पाई है। भक्ति-चेतना को उत्तरभारत में केवल कबीर, तुलसी आदि तक सीमित समझ लिया गया है, जबकि वस्तुस्थिति इससे अलग है। भक्ति का, उत्तरभारत की तुलना में, व्यापक प्रसार दक्षिण में हुआ और उसकी पहुँच उत्तर-पूर्व, कश्मीर आदि क्षेत्रों में भी व्यापक थी। महाराष्ट्र में भी उसकी व्याप्ति का दायरा बहुत विस्तृत था। गुजरात के जनसाधारण में भी उसकी स्वीकार्यता कम नहीं थी। बंगाल, ओड़िशा और असम के संत-भक्तों ने तो उत्तरभारतीय संत-भक्तों को बहुत दूर तक प्रभावित किया। प्रस्तुत संचयन में पहली बार छठी से लगाकर उन्नीसवीं-बीसवीं सदी तक के, देश के सभी क्षेत्रों के संत-भक्तों की रचनाएँ संकलित की गई हैं। आशा है, यह संचयन सदियों से निरंतर और देशव्यापी भक्ति चेतना को समेकित रूप में जानने-समझने में मददगार सिद्ध होगा।
‘‘भारतीय काव्य परंपरा में भक्ति काव्य को, प्रायः सभी भारतीय भाषाओं में, स्वर्ण युग कहा जाता है। इससे पहले कविता इतनी लोकप्रिय, साधारण जन में व्याप्त, उनके जीवन में लगातार उपस्थित और स्पंदित, उनके सामान्य जीवन की इतनी विविध छवियों-बिंबों-मुहावरों-रूपकों से रची-बसी नहीं हुई थी। महत्त्वपूर्ण यह है कि भक्ति काव्य ने एक ऐसा विशद-विपुल-बहुल काव्यशास्त्र रचा कि सौंदर्य और संघर्ष, समर्पण और प्रश्नवाचकता, आस्था और संदेह के बीच जो पारंपरिक दूरी और द्वैत थे, वे ध्वस्त हो गये, सामाजिक आचार, जातिगत भेदभाव, धार्मिक अनुष्ठानपरकता, आध्यात्मिक वर्जनाएँ आदि का भक्ति काव्य ने अतिक्रमण किया। उसने, भारतीय इतिहास और परंपरा में पहली बार, धार्मिक सत्ता, राजनैतिक सत्ता, संपत्ति सत्ता के बरअक़्स कविता की स्वतंत्र सत्ता स्थापित की। यह कविता-सत्ता अपने सत्व में, प्रभाव में और व्याप्ति में जनतांत्रिक थी-उसने धर्म, अध्यात्म, सामाजिक आचार-विचार, व्यवस्था आदि का जनतंत्रीकरण किया। वह एक साथ सौंदर्य, संघर्ष, आस्था, अध्यात्म, प्रश्नवाचकता की विधा बनी। यह अपने आप में किसी क्रांति से कम नहीं है। इस नई जनतांत्रिकता में व्यक्ति की इयत्ता और गरिमा का सहज स्वीकार भी था-प्रायः सभी भक्त कवि अपनी रचनाओं में निस्संकोच अपने नाम का उल्लेख करते हैं।’’
-अशोक वाजपेयी
About Author
Reviews
There are no reviews yet.
Related products
The Secret of The Druids (Hindi) – Druid Ka Rahasya: Mahabharat Ke Raaz – 2
Save: 20%
Tension Mat Le Yaar । टेंशन मत ले यार
Save: 20%
Vishwaguru । विश्वगुरु
Save: 20%
Ajit Wadnerkar (Set Of 3 Books): Shabdon Ka Safar : Vol. 1, 2, 3
Save: 25%
Pankh Diye Aakash Na Doge
Save: 20%
वर्ण जाति कास्ट: भारतीय सामाजिक संरचनाओं पर एक प्रवेशिका
Save: 10%
गीता युवाओं के लिए : दुनिया के कोलाहल से दूर अपनी अंतरात्मा से जुड़ें I Gita Yuvaon Ke Liye
Save: 25%
Ghanghor Ishq । घनघोर इश्क़
Save: 20%
द लीजेंड ऑफ़ द गॉडेस : समृद्धि और धन का वैदिक मार्ग The Legend of the Goddess (Hindi Edition)
Save: 20%
बच्चे आपके, संस्कार किसके? (Who Is Raising Your Children) (Hindi Edition)
Save: 10%
Bhakti Agadh Anant
Save: 25%
Muktidhan: Aur Anya Kahaniyan
Save: 25%
RELATED PRODUCTS
Mere Bhagat Singh
Save: 20%
Muktidhan: Aur Anya Kahaniyan
Save: 25%
Vinod Kumar Shukla Set Of 10 Books In Hindi : Aakash Dharti Ko Khatkhataata Hai I Khilega To Dekhenge I Wah Aadami Naya Garam Coat Pahinkar Chala Gaya Vichar Ki Tarah I Mahavidyalaya I Sab kuchh Hona Bacha Rahega I Kabhi Ke Baad Abhi I Pratinidhi Kavitayen : Vinod Kumar Shukla I Naukar Ki Kameez I Kavita Se Lambi Kavita I Hari Ghaas Ki Chhappar Wali Jhopadi Aur Bauna Pahad
Save: 30%
Bhyrappa Set Of 11 Books In Hindi : आधार (हार्डकवर ) I भित्ति (हार्डकवर ) I सार्थ (हार्डकवर ) I जिज्ञासा (हार्डकवर ) I वंश वृक्ष (हार्डकवर ) I छोर ( हार्डकवर ) I उत्तरकाण्ड ( हार्डकवर ) I आवरण ( पेपरबैक ) I गोधूलि ( पेपरबैक ) I द्विधा (पेपरबैक ) I पर्व (पेपरबैक )
Save: 20%
वर्धा हिंदी शब्दकोष I Wardha Hindi Shabdakosh
Save: 20%
Bhitari Banaras
Save: 20%
Sah-Saa | सह-सा
Save: 25%
अनबर्बाद: उनके लिए जो खोए हुए हैं I Unbarbaad: For Those Who Feel Lost (Hindi)
Save: 20%
अनु सिंह चौधरी की तीन किताबों का कॉम्बो : नीला स्कार्फ़ । मम्मा की डायरी I भली लड़कियाँ, बुरी लड़कियाँ
Save: 30%
गीता दैनन्दिनी डायरी 2026 विशिष्ट संस्करण (Gita Dainandini Diary 2026, Deluxe Edition)
Save: 0%
कहानियों का कहानियाँना I Kahaniyon Ka Kahaniyaana
Save: 20%
लिखत पोएटिका ’क’ I (Likhat Poetica)
Save: 20%
भारत में इस्लाम दो खंडों में : हिंदुओं का हश्र । भोगा हुआ सच (Bharat me Islam : Hinduon Ka Hashra I Bhoga Hua Sach
Save: 35%
मधु चतुर्वेदी जी की 4 पुस्तकों का कॉम्बो सेट : Mann Adhan I Dhanika I Dwivedi Villa I Phir Milogi
Save: 30%
महायोगिराज गोरखनाथ I Mahayogiraj Gorakhnath
Save: 25%
Mahayatra Gatha (4 Volume Set)- HB
Save: 50%
Dwidhaa
Save: 10%
Chhor
Save: 10%
Ayurveda Set Of 3 Books : चरकसंहिता- Caraka Samhita | अष्टांगह्रदयम्- Astanga Hrdayam | सुश्रुत संहिता- Susruta Samhita)
Save: 10%
Tension Mat Le Yaar । टेंशन मत ले यार
Save: 20%
Vishwaguru । विश्वगुरु
Save: 20%
Rammanohar Lohia Rachnavali
Save: 25%
Ajit Wadnerkar (Set Of 3 Books): Shabdon Ka Safar : Vol. 1, 2, 3
Save: 25%
Ambedkar, Gandhi and Patel (Hindi)
Save: 20%
Bhagat Singh (Hindi) Comic
Save: 20%
Bhakti Agadh Anant
Save: 25%
Competitive Exams Ka Chakravyuh Kaise Todein (Hindi)
Save: 0%
Ghanghor Ishq । घनघोर इश्क़
Save: 20%
Jeevan Badalnewale 21 Prabhawshali Vichar
Save: 20%
Kabuliwala & The Postmaster (Hindi)
Save: 1%
Krishna (Hindi)
Save: 25%
Magic Box 2 (Hindi)
Save: 1%
Mantra Sadhna
Save: 20%
Munshi Premchand ki Anmol Kahaniyan
Save: 20%
Orbital Hindi
Save: 20%
Own Your Body (Hindi)
Save: 20%
Pankh Diye Aakash Na Doge
Save: 20%
Shah Rukh Khan
Save: 0%
Sochiye aur Ameer Baniye
Save: 1%
Tales from the Vedas and Upanishads (Hindi) – Vedon aur Upanishadon Ki Kahaniyan
Save: 20%
The Alexander Secret (Hindi) – Sikandar Ka Rahasya: Mahabharat Ke Raaz – 1
Save: 20%
The Art of Spending Money (Hindi)
Save: 25%
The Merchant of Nagapattinam (Hindi)
Save: 10%
The Secret of The Druids (Hindi) – Druid Ka Rahasya: Mahabharat Ke Raaz – 2
Save: 20%
द लीजेंड ऑफ़ द गॉडेस : समृद्धि और धन का वैदिक मार्ग The Legend of the Goddess (Hindi Edition)
Save: 20%
धरा के अंक में I Dhara ke ank mein
Save: 20%
वर्ण जाति कास्ट: भारतीय सामाजिक संरचनाओं पर एक प्रवेशिका
Save: 10%

Reviews
There are no reviews yet.