विटामिन ज़िंदगी I Vitamin Zindagi

Publisher:
Hind Yugm
| Author:
Lalit Kumar
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
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Hind Yugm
Author:
Lalit Kumar
Language:
Hindi
Format:
Paperback

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Page Extent:
264

एक-एक साँस लेते हुए आज तक न जाने कितनी ही बार हमारा सीना घटा और बढ़ा है। हम सभी असंख्य पल जी चुके हैं… लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा पल ही आज हमें याद हैं। यह पुस्तक वैसे ही पलों का एक व्यक्तिगत दस्तावेज़ है। एक बच्चा जिसके पैरों को 4 साल की उम्र में ही पोलियो मार गया, कैसे उससे जूझते हुए उसने समाज में अपना एक अहम मुकाम बनाया, यह किताब उसी की कहानी कहती है। ज़िंदगी में आने वाली तमाम चुनौतियों को लेखक ने किस तरह से अवसर में बदला, यह उसी सकारात्मकता की कहानी है।
जिस तरह शरीर को विभिन्न विटामिन चाहिए, उसी तरह मन को भी आशा, विश्वास, साहस और प्रेरणा जैसे विटामिनों की ज़रूरत होती है। हमारा सामना समस्याओं, संघर्ष, चुनौतियों और निराशा से होता ही रहता है। इन सबसे जीतने के लिए हमारे पास ‘विटामिन ज़िन्दगी’ का होना बेहद आवश्यक है।
ललित का सफ़र ‘असामान्य से असाधारण’ तक का सफ़र है। पोलियो जैसी बीमारी ने उन्हें सामान्य से असामान्य बना दिया, लेकिन अपनी मेहनत और जज़्बे के बल पर उन्होंने स्वयं को साधारण भीड़ से इतना अलग बना लिया कि वे असाधारण हो गए। इसी सफ़र की कहानी समेटे यह किताब ज़िन्दगी के विटामिन से भरपूर है। इस किताब में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है जो हमें हर तरह की परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है।

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Description

एक-एक साँस लेते हुए आज तक न जाने कितनी ही बार हमारा सीना घटा और बढ़ा है। हम सभी असंख्य पल जी चुके हैं… लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा पल ही आज हमें याद हैं। यह पुस्तक वैसे ही पलों का एक व्यक्तिगत दस्तावेज़ है। एक बच्चा जिसके पैरों को 4 साल की उम्र में ही पोलियो मार गया, कैसे उससे जूझते हुए उसने समाज में अपना एक अहम मुकाम बनाया, यह किताब उसी की कहानी कहती है। ज़िंदगी में आने वाली तमाम चुनौतियों को लेखक ने किस तरह से अवसर में बदला, यह उसी सकारात्मकता की कहानी है।
जिस तरह शरीर को विभिन्न विटामिन चाहिए, उसी तरह मन को भी आशा, विश्वास, साहस और प्रेरणा जैसे विटामिनों की ज़रूरत होती है। हमारा सामना समस्याओं, संघर्ष, चुनौतियों और निराशा से होता ही रहता है। इन सबसे जीतने के लिए हमारे पास ‘विटामिन ज़िन्दगी’ का होना बेहद आवश्यक है।
ललित का सफ़र ‘असामान्य से असाधारण’ तक का सफ़र है। पोलियो जैसी बीमारी ने उन्हें सामान्य से असामान्य बना दिया, लेकिन अपनी मेहनत और जज़्बे के बल पर उन्होंने स्वयं को साधारण भीड़ से इतना अलग बना लिया कि वे असाधारण हो गए। इसी सफ़र की कहानी समेटे यह किताब ज़िन्दगी के विटामिन से भरपूर है। इस किताब में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है जो हमें हर तरह की परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है।

About Author

कविता कोश, गद्य कोश, WeCapable.com, दशमलव और TechWelkin.com जैसी परियोजनाओं के संस्थापक ललित कुमार को विकलांगजन के लिए रोल मॉडल हेतु साल 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। पोलियो जैसी बीमारी, अभावग्रस्त बचपन और बेहद कठिन किशोरावस्था के बावजूद अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में काम कर चुके ललित विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इन दिनों वे Dashamav YouTube channel और WeCapable.com के ज़रिए देशभर के विकलांगजन और अन्य ज़रूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं।

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