Kaikeyi Ke Ram
₹395 Original price was: ₹395.₹316Current price is: ₹316.
Save: 20%
JEE (Advanced) Physical Chemistry: Part 2
₹1,039 Original price was: ₹1,039.₹779Current price is: ₹779.
Save: 25%
Sah-Saa | सह-सा
Publisher:
Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd
| Author:
Geetanjali Shree
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
Publisher:
Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd
Author:
Geetanjali Shree
Language:
Hindi
Format:
Paperback
₹499 Original price was: ₹499.₹374Current price is: ₹374.
Save: 25%
In stock
Ships within:
7-10 Days
In stock
| Book Type | |
|---|---|
| Discount | |
| Genre |
Swadesi |
Category: Hindi
Page Extent:
368
‘सह-सा’ छोटे-छोटे अकस्मातों में बनती व्यापक मानव नियति की कहानी है। रोज़मर्रा के अनाटकीय प्रसंगों की टकराहटों से बड़े सवालों के खुले में आ जाने की कहानी। न्यायमूर्ति भूलेराम मिसिर अवकाश-प्राप्ति के बाद पत्नी प्रेमिला, बेटी चिया, और अपाहिज अम्मा के साथ रह रहे हैं। पत्नी व बेटी नौकरी पर निकल जाती हैं और घर की ज़िम्मेदारियाँ खुशी खुशी उन्होंने अपने ऊपर ले ली हैं। माँ अपनी शोर करती पटरागाड़ी पर बैठ घर भर का मुआयना करती रहती हैं। भूलेराम का बेटा, श्रवण, दूसरे शहर में है। दो नौकर हैं, शम्भु और उसकी जिज्जी। सब साथ भी हैं, अलग-थलग भी। घरों के जाने पहचाने शीतयुद्ध में रत, जिसे भूलेराम खुला युद्ध नहीं बनने देते। हँसते-खेलते सब पर आदतन चिल्लाते हैं, और बिना डींग-दावे के सबका ध्यान रखते हैं। सहसा एक दिन वे बेआराम हो जाते हैं। प्यार से बनाये उनके वन-प्रांगण में एक गौरैया उनकी बाँह पर आ बैठती है। वे मुस्कुराते हैं कि बाँह को डाल समझ रही है पर तभी मन में संदेह कौंधता है कि उन्हें देख ही नहीं रही शायद। ‘मैं क्या अदृश्य? हवा? प्रेत? भूत सा फिरता अपने घर में।’ यह संदेह यादों की लंबी कड़ी से जुड़ता है। वे जर्जराने लगते हैं और अचानक बीमारी के एक झटके में दम तोड़ देते हैं। जीते जी अदृश्य होने लगे भूले मृत्योपरांत चारों ओर छा जाते हैं। प्रकट कथा के पीछे, उसके अनकहे में, एक और कथा भी चलती है जो दिखाती है कि इस वाचाल समय में हम वही देखते सुनते हैं जो ढिंढोरा है, भड़कीला है, उसके पीछे हो रहे को नहीं। बात चाहे परिजनों की हो या नेताओं की या मेहनतकश मज़दूरों की, हम चुपचाप के अच्छे और बुरे दोनों को मिस कर देते हैं। भूले द्वारा चुपचाप किया गया अच्छा और चूहों द्वारा चुपचाप किया गया संहार इसीलिए छिपा रहता है। इस कृति में भी गीतांजलि श्री की भाषा और शैली का अपना वैभव है। बदलती स्थितियों, मनःस्थितियों को उजागर करती कभी चुटीली, नुकीली, कभी प्रशांत, उदास और दार्शनिक। हमेशा बहुअर्थी। और इसमें है उस प्रकृति का अद्भुत वात्सल्य जिसे हम बेगाना बना बैठे हैं। ‘सह-सा’ एक अनूठी प्रेम गाथा है।
Be the first to review “Sah-Saa | सह-सा” Cancel reply
Description
‘सह-सा’ छोटे-छोटे अकस्मातों में बनती व्यापक मानव नियति की कहानी है। रोज़मर्रा के अनाटकीय प्रसंगों की टकराहटों से बड़े सवालों के खुले में आ जाने की कहानी। न्यायमूर्ति भूलेराम मिसिर अवकाश-प्राप्ति के बाद पत्नी प्रेमिला, बेटी चिया, और अपाहिज अम्मा के साथ रह रहे हैं। पत्नी व बेटी नौकरी पर निकल जाती हैं और घर की ज़िम्मेदारियाँ खुशी खुशी उन्होंने अपने ऊपर ले ली हैं। माँ अपनी शोर करती पटरागाड़ी पर बैठ घर भर का मुआयना करती रहती हैं। भूलेराम का बेटा, श्रवण, दूसरे शहर में है। दो नौकर हैं, शम्भु और उसकी जिज्जी। सब साथ भी हैं, अलग-थलग भी। घरों के जाने पहचाने शीतयुद्ध में रत, जिसे भूलेराम खुला युद्ध नहीं बनने देते। हँसते-खेलते सब पर आदतन चिल्लाते हैं, और बिना डींग-दावे के सबका ध्यान रखते हैं। सहसा एक दिन वे बेआराम हो जाते हैं। प्यार से बनाये उनके वन-प्रांगण में एक गौरैया उनकी बाँह पर आ बैठती है। वे मुस्कुराते हैं कि बाँह को डाल समझ रही है पर तभी मन में संदेह कौंधता है कि उन्हें देख ही नहीं रही शायद। ‘मैं क्या अदृश्य? हवा? प्रेत? भूत सा फिरता अपने घर में।’ यह संदेह यादों की लंबी कड़ी से जुड़ता है। वे जर्जराने लगते हैं और अचानक बीमारी के एक झटके में दम तोड़ देते हैं। जीते जी अदृश्य होने लगे भूले मृत्योपरांत चारों ओर छा जाते हैं। प्रकट कथा के पीछे, उसके अनकहे में, एक और कथा भी चलती है जो दिखाती है कि इस वाचाल समय में हम वही देखते सुनते हैं जो ढिंढोरा है, भड़कीला है, उसके पीछे हो रहे को नहीं। बात चाहे परिजनों की हो या नेताओं की या मेहनतकश मज़दूरों की, हम चुपचाप के अच्छे और बुरे दोनों को मिस कर देते हैं। भूले द्वारा चुपचाप किया गया अच्छा और चूहों द्वारा चुपचाप किया गया संहार इसीलिए छिपा रहता है। इस कृति में भी गीतांजलि श्री की भाषा और शैली का अपना वैभव है। बदलती स्थितियों, मनःस्थितियों को उजागर करती कभी चुटीली, नुकीली, कभी प्रशांत, उदास और दार्शनिक। हमेशा बहुअर्थी। और इसमें है उस प्रकृति का अद्भुत वात्सल्य जिसे हम बेगाना बना बैठे हैं। ‘सह-सा’ एक अनूठी प्रेम गाथा है।
About Author
Reviews
There are no reviews yet.
Be the first to review “Sah-Saa | सह-सा” Cancel reply
[wt-related-products product_id="test001"]
Related products
Tension Mat Le Yaar । टेंशन मत ले यार
Save: 20%
The Merchant of Nagapattinam (Hindi)
Save: 10%
Ajit Wadnerkar (Set Of 3 Books): Shabdon Ka Safar : Vol. 1, 2, 3
Save: 25%
Mere Bhagat Singh
Save: 20%
Pankh Diye Aakash Na Doge
Save: 20%
R.A.W Hitman 2 Hindi
Save: 0%
गीता युवाओं के लिए : दुनिया के कोलाहल से दूर अपनी अंतरात्मा से जुड़ें I Gita Yuvaon Ke Liye
Save: 25%
Ghanghor Ishq । घनघोर इश्क़
Save: 20%
Bhakti Agadh Anant
Save: 25%
Magic Box 2 (Hindi)
Save: 1%
Tales from the Vedas and Upanishads (Hindi) – Vedon aur Upanishadon Ki Kahaniyan
Save: 20%
वर्धा हिंदी शब्दकोष I Wardha Hindi Shabdakosh
Save: 20%
RELATED PRODUCTS
Mere Bhagat Singh
Save: 20%
Muktidhan: Aur Anya Kahaniyan
Save: 25%
Bhyrappa Set Of 11 Books In Hindi : आधार (हार्डकवर ) I भित्ति (हार्डकवर ) I सार्थ (हार्डकवर ) I जिज्ञासा (हार्डकवर ) I वंश वृक्ष (हार्डकवर ) I छोर ( हार्डकवर ) I उत्तरकाण्ड ( हार्डकवर ) I आवरण ( पेपरबैक ) I गोधूलि ( पेपरबैक ) I द्विधा (पेपरबैक ) I पर्व (पेपरबैक )
Save: 20%
वर्धा हिंदी शब्दकोष I Wardha Hindi Shabdakosh
Save: 20%
Bhitari Banaras
Save: 20%
Kaikeyi Ke Ram
Save: 20%
अनबर्बाद: उनके लिए जो खोए हुए हैं I Unbarbaad: For Those Who Feel Lost (Hindi)
Save: 20%
बच्चे आपके, संस्कार किसके? (Who Is Raising Your Children) (Hindi Edition)
Save: 10%
कहानियों का कहानियाँना I Kahaniyon Ka Kahaniyaana
Save: 20%
Shabdon ka Saundaarya
Save: 20%
भारत में इस्लाम दो खंडों में : हिंदुओं का हश्र । भोगा हुआ सच (Bharat me Islam : Hinduon Ka Hashra I Bhoga Hua Sach
Save: 35%
मधु चतुर्वेदी जी की 4 पुस्तकों का कॉम्बो सेट : Mann Adhan I Dhanika I Dwivedi Villa I Phir Milogi
Save: 30%
Man Yogi Tan Bhasm Bhaya
Save: 20%
R.A.W Hitman 2 Hindi
Save: 0%
विद्यापति पदावली I Vidyapati Padavali
Save: 25%
महायोगिराज गोरखनाथ I Mahayogiraj Gorakhnath
Save: 25%
Mahayatra Gatha (4 Volume Set)- HB
Save: 50%
Bhitti
Save: 10%
Dwidhaa
Save: 10%
Chhor
Save: 10%
Ayurveda Set Of 3 Books : चरकसंहिता- Caraka Samhita | अष्टांगह्रदयम्- Astanga Hrdayam | सुश्रुत संहिता- Susruta Samhita)
Save: 10%
Tension Mat Le Yaar । टेंशन मत ले यार
Save: 20%
Vishwaguru । विश्वगुरु
Save: 20%
Rammanohar Lohia Rachnavali
Save: 25%
Ajit Wadnerkar (Set Of 3 Books): Shabdon Ka Safar : Vol. 1, 2, 3
Save: 25%
Ambedkar, Gandhi and Patel (Hindi)
Save: 20%
Bhagat Singh (Hindi) Comic
Save: 20%
Bhakti Agadh Anant
Save: 25%
Bhakti Agadh Anant
Save: 25%
Competitive Exams Ka Chakravyuh Kaise Todein (Hindi)
Save: 0%
Ghanghor Ishq । घनघोर इश्क़
Save: 20%
Kabuliwala & The Postmaster (Hindi)
Save: 1%
Krishna (Hindi)
Save: 25%
Magic Box 2 (Hindi)
Save: 1%
Mantra Sadhna
Save: 20%
Pankh Diye Aakash Na Doge
Save: 20%
Shah Rukh Khan
Save: 0%
Tales from the Vedas and Upanishads (Hindi) – Vedon aur Upanishadon Ki Kahaniyan
Save: 20%
The Alexander Secret (Hindi) – Sikandar Ka Rahasya: Mahabharat Ke Raaz – 1
Save: 20%
The Art of Spending Money (Hindi)
Save: 25%
The Merchant of Nagapattinam (Hindi)
Save: 10%
द लीजेंड ऑफ़ द गॉडेस : समृद्धि और धन का वैदिक मार्ग The Legend of the Goddess (Hindi Edition)
Save: 20%
धरा के अंक में I Dhara ke ank mein
Save: 20%
नव्या या नव्य I Navya ya Navy
Save: 20%
वर्ण जाति कास्ट: भारतीय सामाजिक संरचनाओं पर एक प्रवेशिका
Save: 10%

Reviews
There are no reviews yet.