Description
महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा सीरीज (5 पुस्तकों का सेट) में पाँच रोचक किताबें शामिल हैं जो निम्नलिखित हैं:
- आह्वान: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा खंड 1: विचित्र लाशें, रहस्यमय संकेत, मेडीकल रिपोर्ट, कुछ पुराने यंत्र, अधूरी पांडुलिपियाँ, दिल दहलाने वाली हत्याओं का अंतहीन सिलसिला, उन्हें जोड़ने वाली एक साधारण वसीयत, और एक पुरातन सत्य जो इतिहास से सदैव लुप्त रहा। श्रीमंत परिवार के साथ अपने दोस्त रोहन की मौत की जाँच करने में जुटे इंस्पेक्टर जयंत और उसके साथी डॉ. मजूमदार, रोहन की साधारण वसीयत की जड़ें खंगाल रहे थे तो दूसरी तरफ़ नेशनल लैब के डायरेक्टर डॉ. वर्मा अपने अनेक एजेंटों की जान पर भारी पड़ रही अजीब वस्तुओं की गुत्थी में उलझे हुए थे जिसके तार रोहन से जुड़ रहे थे। कौन जानता था कि वह मुमुक्षुओं और चिरंजीवियों के सदियों पुराने उस रक्तरंजित युद्ध में घिरते जा रहे थे जो समाप्त होने पर भी अनवरत जारी था और उस रहस्यमय सत्य का रक्षक था जो सदैव से इतिहास से दूर रहने को शापित था। मूक इतिहास की सदियों पुरानी परतों में दबा सत्य प्रत्यक्ष होने के लिए उचित पात्र की प्रतीक्षा में था। एक साधारण वसीयत से आरंभ श्रीमंत परिवार और इंस्पेक्टर जयंत का सफ़र उस मोड़ पर पहुँच गया जब जीवन से अधिक कुछ और महत्वपूर्ण हो गया। मुमुक्षुओं और चिरंजीवी के टकराव के बीच पिसते श्रीमंत परिवार को रोहन की वसीयत के सत्य को खोजते हुए उस पुरातन वचन की रक्षा करनी थी जिससे पूरी मानवता का भविष्य जुड़ा था।
- स्तुति: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा खंड 2: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा का यह दूसरा चरण है। रोहन की वसीयत और उससे जुड़ी रोंगटे खड़े करने वाली वस्तुओं की गुत्थी में उलझे श्रीमंत परिवार को उस रहस्यमय यज्ञ के दर्शन हुए जिसे अदृश्य मुमुक्षुओं ने कुरुक्षेत्र में महाविनाश के उत्सव से दूर अपने त्याग, समर्पण और निष्ठा से श्रीकृष्ण के आदेश पर मानवता के चरणों में समर्पित किया था। किन्तु द्वापरयुग के गर्भ में पोषित वह दिव्य यज्ञ कलयुग में श्रीमंत परिवार के जीवन और मानवता के भविष्य का निर्णायक कैसे बना? उससे रोहन की वसीयत का क्या जुड़ाव था?
- आहुति: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा खंड 3: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा का यह तीसरा चरण है। डॉ. वर्मा और जयंत के साथ रोहन की वसीयत और मुमुक्षुओं के पुरातन सत्य की जड़ें खँगालता और अपने अस्तित्व के लिए जूझता श्रीमंत परिवार उस मोड़ पर आ पहुँचा जब रोहन का सत्य उनके जीवन का सबसे बड़ा झूठ बन गया। वे सदियों पुराने मूक इतिहास के खाली पन्नों से जीवित हुए पुरातन सत्य से दूर थे, किंतु कोई इस दिव्य यज्ञ में उनकी आहुति देने की तैयारी कर चुका था।
- अग्निहोत्र: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा खंड 4: विश्वास और उम्मीद की डोर थामे श्रीमंत परिवार जयंत के साथ रोहन की वसीयत का सच खोजने के लिए अपना सब कुछ दाँव पर लगा चुका था, किंतु जिस यात्रा के पग-पग पर छल हो उसमें किसका सच भरोसे योग्य था? मुमुक्षुओं और चिरंजीवियों के टकराव का अंत करने और छल की गहरी परतों में दबे पुरातन सत्य तक पहुँचने के लिए जयंत और श्रीमंत परिवार को क्या कीमत चुकानी होगी?
- स्वाहा: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा खंड 5: महाभारत आधारित पौराणिक रहस्य गाथा का यह पाँचवाँ और अंतिम चरण है। चिरंजीवियों और मुमुक्षुओं के बीच युगों पुराने युद्ध को समाप्त करने की सनक में जयंत साक्षी का सामना करते हुए रोहन की वसीयत के उस अंतिम सच तक पहुँच गया जिसमें श्रीमंत परिवार और उसकी मुक्ति थी।
लेकिन उसकी मुक्ति में सिर्फ साक्षी ही आखिरी बाधा नहीं था।





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