मैं आर्यपुत्र हूँ I Main Aryaputra Hoon (HINDI)
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Ramjanmabhoomi
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Kargil

Publisher:
Prabhat Prakashan
| Author:
Rachna Bisht Rawat
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
Publisher:
Prabhat Prakashan
Author:
Rachna Bisht Rawat
Language:
Hindi
Format:
Paperback

Original price was: ₹400.Current price is: ₹320.

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7-10 Days

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ISBN:
Categories: ,
Page Extent:
218

कारगिल युद्ध की बीसवीं वर्षगाँठ पर इसके वीर सैनिकों की कहानियों के जरिए बेहद ठंडे युद्धक्षेत्र का दोबारा अनुभव कीजिए। असहाय पैराट्रूपर के एक समूह ने अपनी ही पोजीशन पर बोफोर्स गनों से फायर करने को क्यों कहा? पालमपुर का एक वृद्ध व्यक्ति अपने शहीद फौजी बेटे को न्याय दिलाने के लिए आखिर क्यों लड़ रहा है? एक शहीद जवान का पिता हर साल एक कश्मीरी युवती के घर क्यों जाता है? ‘कारगिल’ पर लिखी यह पुस्तक आपको ऐसे दुर्गम पर्वत शिखरों पर ले जाती है, जहाँ भारतीय सेना ने कुछ रक्तरंजित लड़ाइयाँ लड़ीं। इस युद्ध को लड़नेवाले जवानों और शहीदों के परिवारवालों से साक्षात्कार के बाद रचना बिष्ट रावत ने अदम्य मानवीय साहस दिखानेवाली ये कहानियाँ लिखी हैं, जिनका सरोकार केवल वर्दीधारियों से नहीं, बल्कि उन्हें सबसे ज्यादा प्यार करनेवाले लोगों से भी है। अप्रतिम साहस की कहानियाँ सुनाती यह पुस्तक हमारे लिए अपने प्राणों की आहुति देनेवाले 527 युवा बहादुरों के अलावा उन शूरवीरों को भी एक श्रद्धांजलि है, जो इस आहुति को देने के लिए तैयार बैठे थे।.

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Description

कारगिल युद्ध की बीसवीं वर्षगाँठ पर इसके वीर सैनिकों की कहानियों के जरिए बेहद ठंडे युद्धक्षेत्र का दोबारा अनुभव कीजिए। असहाय पैराट्रूपर के एक समूह ने अपनी ही पोजीशन पर बोफोर्स गनों से फायर करने को क्यों कहा? पालमपुर का एक वृद्ध व्यक्ति अपने शहीद फौजी बेटे को न्याय दिलाने के लिए आखिर क्यों लड़ रहा है? एक शहीद जवान का पिता हर साल एक कश्मीरी युवती के घर क्यों जाता है? ‘कारगिल’ पर लिखी यह पुस्तक आपको ऐसे दुर्गम पर्वत शिखरों पर ले जाती है, जहाँ भारतीय सेना ने कुछ रक्तरंजित लड़ाइयाँ लड़ीं। इस युद्ध को लड़नेवाले जवानों और शहीदों के परिवारवालों से साक्षात्कार के बाद रचना बिष्ट रावत ने अदम्य मानवीय साहस दिखानेवाली ये कहानियाँ लिखी हैं, जिनका सरोकार केवल वर्दीधारियों से नहीं, बल्कि उन्हें सबसे ज्यादा प्यार करनेवाले लोगों से भी है। अप्रतिम साहस की कहानियाँ सुनाती यह पुस्तक हमारे लिए अपने प्राणों की आहुति देनेवाले 527 युवा बहादुरों के अलावा उन शूरवीरों को भी एक श्रद्धांजलि है, जो इस आहुति को देने के लिए तैयार बैठे थे।.

About Author

रचना बिष्ट रावत कभी ड्राइवर, कभी शेफ और अकसर एक माँ का रोल निभातीं वे एक फुल टाइम मॉम हैं, जिनका एक किशोर, स्मार्ट बेटा है—सारांश और एक शरारती, सुनहरा डॉगी है—हुकुम। अपने पति कर्नल मनोज रावत के लिए वे ‘सब कुछ’ हैं या ऐसा कम-से-कम वो कहते हैं। वे जब भी इन तीनों से अलग कुछ पल हासिल कर पाती हैं तो संगीत सुनती हैं और लिखती हैं। रचना हैरी ब्रिटेन की फेलो हैं। उनकी छोटी कहानी ‘मुन्नी मौसी’ को राष्ट्रमंडल संक्षिप्त कहानी प्रतियोगिता 2008-09 में काफी सराहा गया था। वह ‘स्टेट्समैन’, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ एवं ‘डेक्कन हेरॉल्ड’ में काम कर चुकी हैं और उनकी दो नॉन फिक्शन किताबें—‘द ब्रेव: परम वीर चक्र स्टोरीज’ और ‘1965: स्टोरीज फ्रॉम द सेकंड इंडो-पाक वॉर’ प्रकाशित हो चुकी हैं। उनसे www.rachnabisht.com और rachnabisht@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।.

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