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Mahabharat Mein Pitri Vandana

Publisher:
Prabhat Prakashan
| Author:
Dinkar Joshi
| Language:
Hindi
| Format:
Hardback
Publisher:
Prabhat Prakashan
Author:
Dinkar Joshi
Language:
Hindi
Format:
Hardback

Original price was: ₹300.Current price is: ₹225.

In stock

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7-10 Days

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ISBN:
Categories: ,
Page Extent:
18

महाभारत की बात करें तो कृष्ण और भीष्म से लेकर अश्वत्थामा और अभिमन्यु तक के पात्रों की एक पंक्ति-माला रच उठती है। इन पात्रों में भव्यता है तो उन्हें लेकर प्रश्न भी कम नहीं हैं। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक दिनकर जोशी ने अपने व्यापक व विशिष्ट अध्ययन द्वारा उनका उत्तर देने का सफल प्रयास किया है और पितामह भीष्म, आचार्य द्रोण, धृतराष्ट्र, विदुर, युधिष्ठिर, दुर्योधन, कर्ण, अर्जुन, अश्वत्थामा, शकुनि, द्रुपद एवं श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों पर सर्वथा अलग तरह से दृष्टि डालते हुए उनके विशिष्ट स्वरूप का दिग्दर्शन कराया है।.

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Description

महाभारत की बात करें तो कृष्ण और भीष्म से लेकर अश्वत्थामा और अभिमन्यु तक के पात्रों की एक पंक्ति-माला रच उठती है। इन पात्रों में भव्यता है तो उन्हें लेकर प्रश्न भी कम नहीं हैं। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक दिनकर जोशी ने अपने व्यापक व विशिष्ट अध्ययन द्वारा उनका उत्तर देने का सफल प्रयास किया है और पितामह भीष्म, आचार्य द्रोण, धृतराष्ट्र, विदुर, युधिष्ठिर, दुर्योधन, कर्ण, अर्जुन, अश्वत्थामा, शकुनि, द्रुपद एवं श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों पर सर्वथा अलग तरह से दृष्टि डालते हुए उनके विशिष्ट स्वरूप का दिग्दर्शन कराया है।.

About Author

जन्म: 30 जून, 1937 को भावनगर, गुजरात में। डॉ. दिनकर जोशी का रचना संसार अत्यंत व्यापक है। 45 उपन्यास, 12 कहानी-संग्रह, 13 संपादित पुस्तकें, महाभारत व रामायण विषयक 9 अध्ययन ग्रंथ और लेख, प्रसंग चित्र, अन्य अनूदित पुस्तकों सहित अब तक उनकी कुल 154 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्हें गुजरात राज्य सरकार के 5 पुरस्कार, गुजराती साहित्य परिषद् का उमा-स्नेहरश्मि पारितोषिक तथा गुजरात थियोसोफिकल सोसाइटी का मैडम ब्लेवेट्स्की अवार्ड प्रदान किए गए हैं। राजस्थान स्थित जे.जे.टी. यूनिवर्सिटी द्वारा डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित। उनके ग्रंथों में जीवन कथनात्मक उपन्यासों का विशेष योगदान है। गांधीजी के ज्येष्ठ पुत्र हरिलाल, गुरुदेव टैगोर, तथागत बुद्ध, काउंट लेव टॉलस्टॉय और सरदार पटेल की जीवनी पर आधारित आपके उपन्यास एवं रामायण-महाभारत पर केंद्रित कई पुस्तकें हिंदी, मराठी तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड, ओडि़या, बांग्ला, अंग्रेजी और जर्मन में अनूदित हो चुकी हैं। देश की विभिन्न 6 भाषाओं में एक साथ 15 पुस्तकें प्रकाशित होने की घटना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान मिला। उन्होंने संपूर्ण महाभारत के गुजराती अनुवाद के 20 ग्रंथों के संपुट का संपादन किया है। संप्रति: गुजराती साहित्य के सत्त्वशील ग्रंथों को अन्य प्रादेशिक भाषाओं में प्रकाशित करने में संलग्न।.

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